Problem and treatment of Spermatorrhea धात रोग की समस्या और उपचार

Problem and treatment of Spermatorrhea धात रोग की समस्या और उपचार

धातु गिरना या धात रोग को अंग्रेजी भाषा में spermatorrhea के नाम से जाना जाता है। ये आज के युवाओं की बहुत ही काॅमन समस्या है। वैसे तो ये बड़ी उम्र के लोगों को भी हो सकती है, लेकिन इसका शिकार अकसर कम उम्र के नौजवान ज्यादा होते हैं। इस रोग में वीर्य का बिना कामेच्छा के ही स्खलन होने लगता है और ये ज्यादातर तब होता है, जब रोगी पेशाब या मल त्याग करता है। पेशाब करते समय और लेट्रिन के समय हल्का-सा जोर लगने पर लिंग से कुछ बूंदे गाढ़ा पतला द्रव निकलता है और ऐसी क्रिया को ही हम धात रोग के नाम से जानते हैं।
अधिकतर ये देखा गया है कि जिन लोगों में धातु या धात गिरने की शिकायत होती है, उनमें स्वप्नदोष की समस्या एक आम समस्या है। यहां तक कि कुछ लोगों में तो अंडरवियर की रगड़ लगने से भी धात गिर जाता है।

आइए हम आपको बताते हैं धात रोग के कारण, लक्षण और इलाज के कुछ देसी घरेलू उपाय।

धात गिरना रोग के कारण :

  • धमनियों की कमजोरी
  • बाॅडी में गर्मी होना
  • कब्ज होना
  • हॉर्मोनल चेंज
  • गरम चीजें खाना
  • प्रॉस्टेट में सूजन होना
  • इसका सबसे मुख्य वहज ज्यादा हस्तमैथुन करना माना जाता है, जिसके परिणामस्वरूप धमनियां यानी नसें कमजोर हो जाती हैं और धात् गिरने लगता है।
  • गुप्त रोग होना
  • शरीर में पोशाक तत्वों की कमी
  • शराब और दूसरे प्रकार के नशे करना
  • बुरी संगति होना
  • अश्लील साहित्य पढ़ना, देखना या सोचना
    इनके अलावा और भी बहुत-सी वजह हो सकती हैं, लेकिन अक्सर इस रोग की मुख्य और अहम वजह अधिक हस्तमैथुन करना ही माना जाता है। वैसे आप इस रोग(धात रोग) की सही वजह का पता लगाने के लिए अपने डॉक्टर या आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ये परामर्श कर सकते हैं।

धात रोग के लक्षण :
जैसा कि पहले बताया जा चुका है, कि इस रोग के बहुत से लक्षण होते हैं और ये भिन्न-भिन्न इंसान में भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। यहां कुछ सामान्य लक्षण दिए जा रहे हैं, जोकि धात गिरने के कारण नवयुवकों को महसूस होते हैं।

कमर और सर में दर्द रहना
बहुत अधिक कमजोरी महसूस होना
स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना
बालों का उम्र से पहले सफेद होना
टांगों में दर्द की शिकायत रहना
दिमागी रूप से चिंतित व दुखी रहना
पढ़ाई या दूसरे कामों में मन ना लगना
आलस और सुस्ती छाई रहना
अधिक नींद का आना
लिंग में जलन महसूस होना
नजरें कमजोर होना
पेशाब का बार-बार लगना
उठते-बैठते समय चक्कर आना
आँखों की आगे अंधेरा छाना
जरा-सा काम करने पर थक जाना
बाॅडी की चमक और जोश समाप्त हो जाना
मर्दाना कमजोरी होना
अगर आप भी कुछ ऐसा ही महसूस करते हो, तो आप किसी अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर या गुप्त रोग विशेषज्ञ से मिलकर अपनी समस्या उन्हें बताएं और जल्दी इलाज पायें।

धात रोग के कुछ और देसी घरेलू इलाज :
उरद की दाल को देसी घी में भून लीजिए और इसमें मिशरी पाउडर या शहद मिलकर रोजाना खाएँ। हो सके तो उरद की दाल के लड्डू बना कर रख लीजिए और इनका रोजाना सेवन कीजिए।

1 से 2 ग्राम तुलसी के बीज रात्रि को पानी में भीगोकर सुबह लेने से अथवा बड़ के पत्ते के दूध की कुछ बूँदें रोज सुबह एक बताशे में डालकर ऊपर से दूध पीयें। 15-20 दिन में धातुस्राव बंद होकर वीर्य गाढ़ा हो जायेगा।

भिन्डी में भी ऐसे गुण होते हैं जोकि आपकी कमजोर नसों को शक्ति प्रदान कर वीर्य को अंदर रोके रखने की क्षमता में वृद्धि करते हैं। भिन्डी के एक चम्मच पाउडर को गरम दूध में मिलाकर हर रोज रात को पीने से फायदा पहुुंचता है।

शतावरी की जड़ के 20 ग्राम पाउडर को एक ग्लास दूध में उबाल करके छान लीजिए। ये दूध रोजाना रात को सोने से पहले पी लीजिए। हो सके तो सुबह भी पीयें। इससे आपका धात् रोग और मर्दाना कमजोरी जल्दी दूर हो जायगी और आपमें एक नया जोश और ऊर्जा का संचार होगा।

10 ग्राम सफेद मुलसी के पाउडर में मिश्री मिला कर एक गिलास गाय के दूध में घोल कर पी लीजिए। ऐसा हर रात को सोने से पहले करें।

रोजाना पपीता खाने या उसके रस का सेवन करने से धात् गिरना की परेशानी में लाभ होता है।

2 कटोरी दही सुबह और शाम खाने से वीर्य का गिरना बंद हो जाता है।

त्रिफला चूर्ण रोजाना लेने से आपको कब्ज और धात् रोग से मुक्ति मिलती है।
धवाई के फूल, चंदन और लोधरा हर्ब के पाउडर को समान मात्रा में मिलाइए, इसके एक छोटे चम्मच पाउडर को शहद के साथ रोजाना खाइए।

सफेद मुसली, काली मुसली और अश्वगंधा के पाउडर को बराबर मात्रा में मिलाइए। इस मिक्स्चर का आधा चम्मच दूध में मिलाइए और अब दूध में शहद मिलकर रोजाना एक महीने तक पीजिए।

रात को 3-4 छुहारे(सूखी खजूर), कुछ बादाम, कुछ किशमिश पानी में भिगोकर रख दें। सुबहे उठकर इसे पीस लें और शहद मिलाकर खाएँ, आपको फायदा होगा।

गर्मी के दिनों में आमरस का भरपूर सेवन करिए, ये आपके रोग में आराम वा फायदा पहुंचायेगा।

2 केले रोजाना एक ग्लास दूध के साथ रात को खाने से भी लाभ होगा।

धात रोग से सुरक्षा के टिप्स :
1. विचारों को साफ और शुद्ध रखो और ऐसा करने के लिए आप योगा और मेडिटेशन की हेल्प ले सकते हैं। साथ ही बुरी संगति से बचें और अपना ध्यान अच्छे धर्म-कर्म व ज्ञानवर्धक चीजों में लगाने की कोशिश करेें। अच्छे प्रोग्राम्स देखो, अच्छी बुक्स पढ़ो, अच्छा संगीत सुनो आदि। इनसे आपका दिल और दिमाग गंदे विचारों से हट जाएगा, जिसके फलसवरूप आपका मन प्रसन्न रहेगा।

2. रोजाना एक्सर्साइज करने की आदत बना लें और ऐसा करने से आप अपनी health के प्रति जागरूक हो जाओगे और इससे बुरी आदतें जैसे- हस्तमैथुन ज्यादा करने की समस्या खुद-ब-खुद कम होने लगेगी। साथ ही आपकी नसों को बल मिलेगा और धात् गिरना भी बंद हो जायगा।

3. आहार हमेशा संतुलित करें और ऐसा आप फल, सब्जियाँ, प्रोटीन युक्त चीजें आदि खा कर कर सकते हैं। आपको सही स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और स्वस्थ वसा चाहिए होते हैं। ये सब आपको दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, सोयाबीन, केला, सेब, पपीता, जामुन, आलूबुखारा, लिची, आम, अखरोट, बादाम, नारियल पानी, चुकुंदर, तरबूज, अलसी का तेल, ऑलिव आॅयल और दूसरे फ्रूट्स और वेजिटेबल्स खाकर कर प्राप्त हो सकते हैं। भोजन हमेशा हल्का-फुल्का और आसानी से पचाने लायक ही होना चाहिए। धात रोग में लाभ होगा।

4. अपनी आदतों में परिवर्तन लायें जैसे- रात को जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें। सुबह जल्दी उठकर खूब सारा पानी पीयें और मॉर्निंग वॉक पर जायें। देर रात जागने की आदत बंद करें। स्वास्थ्यदायक आदतें अपनाने पर आपको अपने अंदर नयी शक्ति का एहसास होगा और धात रोग में भी लाभ होगा।

5. शराब, धूम्रपान, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थ आपकी नसों को कमजोर बनाते हैं। इस कारण से भी आपको धात रोग से पीड़ित होना पड़ता है, इसलिए आज से ही इन नुकसानदायक चीजों को बंद कर दीजिए।

6. मसालेदार खाना, तली हुई चीजें और जंक फूड्स का सेवन बंद करके, घर में बना हुआ पौष्टिक भोजन ही करें। धात रोग में लाभ होगा।

7. पानी और दूसरे फ्रूट और वेजिटेबल्स के ज्यूस खूब पीयें, इससे आपको सही पोषण के साथ पानी भी मिलेगा, जो आपके शरीर की गर्मी कम करेगा, कब्ज की समस्या दूर होगी साथ ही आपके बॉडी के निदबजपवदे भी सुधरेेंगे। इसके साथ ही धात गिरना की समस्या में लाभ होगा।

8. अपनी बुरी दोस्तों की संगति सुधारें और बुरे विचारधारा रखने वाले लोगों से दूरी बनाये रखें। ज्यादातर बुरी संगति व कुविचार वाले लोग ही हमारा ध्यान बुरी चीजों की तरफ आकर्षित करते हैं।

उपरोक्त लेख में हमने कई प्रकार से धात् रोग के विषय में चर्चा और उसके उपाय के विषय में बातें की। मगर धात् रोग का घरेलू इलाज या उपचार तब सफल होगा, जब आप घरेलू नुस्खे अपनाने, अच्छी डाइट और रेग्युलर एक्सर्साइज रुटीन अपनाने के साथ-साथ कुछ स्वस्थ जीवनशैली वाली आदतें भी अपनायेंगे।

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