spematorrhea and treatment of spematorrhea disease धातु रोग का उपाय और उपचार

spematorrhea and treatment of spematorrhea disease धातु रोग का उपाय और उपचार

धात रोग किसे कहते हैं?

पहले यहां यह बात जानना जरूरी है कि धातु रोग कोई बीमारी नहीं है। यह प्रकार की स्वाभाविक क्रिया है। इसमें होता ये है कि जब आप अधिक उत्तेजित हो जाते हैं या फिर मन में सेक्स इच्छा जागृत होने लगती है, तब आपका लिंग में खुद-ब-खुद तनाव आने लगता है।
ऐसे में न चाहते हुए भी हल्के से स्पर्श मात्र से या बिना स्पर्श के भी लिंग से सफेद वीर्य की तरह या पानी की तरह धारा सी आती है और ये धारा बहुत कम होने की वजह से ये आपके लिंग के बाहर नहीं आ पाती। इसे ही धात अथवा धातु रोग कहते हैं।

क्यों होता है धातु रोग?

वैसे तो धातु रोग के बहुत से कारण हो सकते हैं, मगर आजकल के आधुनिक दौर की बात करें, तो इसमें सबसे ज्यादा सोशियल मीडिया व अश्लील साहित्य का मुख्य रोल है। आज के जमाने में लड़के हों या लड़कियां सभी इंटरनेट पर अश्लील वीडियो देखने लगे हैं और अश्लील किताबे पढ़ते हैं। इसी के कारण उनके दिमाग में हवस भरी रहती है। वे अकेले ही अकेले कुछ न कुछ गंदी अश्लील बातें सोचते रहते हैं। इन सब के कारण भी धातु रोग की समस्या होती है।

धात रोग की मुख्य वजह क्या है?

दिमागी रूप से कमजोर होने पर आपको अपने आप पर नियंत्रण पाना मुश्किल होता है।

हर वक्त अश्लील बातें मन-ही-मन सोचना।

पुरूषों के वीर्य का पतला होना।

हद से ज्यादा हस्तमैथुन करने से।

किसी रोग के समय पर अधिक दवाईयां लेने से।

विटामिन्स की कमी होने के कारण।

धात रोग के आयुर्वेदिक घरेलु उपाय :

तुलसी अश्वगंधा की मदत से :

तुलसी का प्रयोग करें। इसके लिए तुलसी की जड़ को पूरी तरह सुखाकर उसका पाउडर यानी चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को एक ग्राम की मात्रा में लें और एक ग्राम अश्वगंधा का चूर्ण में मिला कर खाएं और ऊपर से दूध पी जाएं, इससे आपको बहुत लाभ होगा।

इलायची तुलसी और मिश्री के प्रयोग से :

आयुर्वेद के इस उपाय के लिए आपको ५० ग्राम इलायची लेकर और १५ से २० तुलसी के पत्तों को व १० ग्राम मिश्री का क्वाथ बनाकर इसको पीने से धातु रोग का उपचार होता है।

इलायची और हिंग के प्रयोग से :

इलायची के दाने और सेंकी हुई हींग की लगभग तीन रत्ती चूर्ण को घी और दूध के साथ मिक्स करके पीने से पेशाब में धातु का बहना समाप्त हो जाता है।

गिलोय के प्रयोग से :

धात रोग से बचाव के लिए आपको 2 चम्मच गिलोय के पत्तों का रस निकाल कर गिलोय के रस में 1 चम्मच शहद मिलाकर सेवन करना चाहिए।

उड़द की दाल से धातु रोग का इलाज :

20 ग्राम उड़द की दाल का आटा लेकर, गाय के दूध में उबाल लें और फिर इसमें थोडी मात्रा में घी मिला कर कुनकुना ही पीना है और इसका सेवन रोज करने से पेशाब की नली से धातु का बहना पूरी तरह से बंदर हो जाएगा।

उड़द की दाल को पीसकर उसे खांड में भुन लिया जाए और खांड में मिलाकर खाएं तो भी कमाल का फायदा पहुंचता है।
उड़द की दाल काम-शक्ति बढ़ाने और सेक्स की समस्यया को दूर करने में बहुत फायदेमंद होती है।

आंवला के प्रयोग से :

रोजाना सुबह आंवले का जूस यानी कि आंवला का रस खली पेट 2 चम्मच आंवले के रस को शहद के साथ मिलाकर पीने से तुरन्त ही धात रोग में फायदा होने लगता है।

सुबह शाम आंवले के चूर्ण को दूध में मिला कर पीने से भी धात रोग में बहूत फायदा पहुंचता है।

  • वीर्य का पतला होना।
  • लिंग के मुंह से लार टपकती है।
  • शरीर में कमजोरी होती है।
  • हमेशा तनाव रहना।
  • पेट साफ न होना व कब्ज का होना।
  • शरीर का हिस्सा कांपने लगता है कमजोरी के कारण।
  • चक्कर आने लगता है।
  • पेशाब के दौरान वीर्य का निकलना।

धातु रोग के प्रमुख कारण :

आप हमेशा कामुक और अश्लील विचारों में खोये रहते हो, तो आपको धातु रोग बहुत ज्यादा हो सकता है। अगर आप दिनभर किसी ना किसी काम में व्यस्त हों, तो बुरे और अश्लील विचार आपके मन में आयेंगे ही नहीं। अगर आपका मन शांत नहीं रहेगा, तो आपको धातु रोग हो सकता हैै। अधिक तनाव में रहने से भी धातु रोग होता है, इसलिए कभी भी किसी भी बात का ज्यादा तनाव ना लें।

अगर आपको बुढापे में धातु रोग की परेशानी होती है, तो आपको अधिक मात्रा में दवाइयों का सेवन कम कर देना चाहिए। अधिक मात्रा में कई प्रकार की दवाइयों का सेवन करने से भी धातु रोग होने की संभावना होती है, क्योंकि बाजार में बहुत सारी दवाइयां ऐसी मिलती हैं, जिनमें केमिकल्स की मात्रा ज्यादा होती है। शरीर में केमिकल की अधिक मात्रा होने पर धातु रोग और गुप्त रोग हो सकता है। अगर आप हमेशा सशक्त रहोगे तो आपको धातु रोग होने की संभावना ही नहीं है।

उपरोक्त में जैसे बताया जा चुका है कि धातु रोग होने की एक वजह वीर्य का पतलापन भी है। तो आइए जानते हैं वीर्य को गाढ़ा करने के उपाय व उपचार।

वीर्य के पतला होने की समस्या का उपचार :

1. जामुन: जिन व्यक्तियों का वीर्य पतला हो और जरा सी उत्तेजना में ही वीर्यपात हो जाता हो, उनके लिए जामुन बहुत फायदेमंद है। वीर्य का पतलापन दूर करने के लिए 5 ग्राम जामुन की गुठली का चूर्ण हर रोज शाम को गर्म दूध के साथ लें।

2. केला: केला शुक्रवर्धक फल है। इसके रोजाना सेवन से वीर्य गाढ़ा होता है, इसलिए अगर वीर्य के पतलेपन की समस्या से परेशान हैं, तो आप रोजाना 3 से 4 केले का सेवन करें।

3. छुहारा: पतली धातु के रोगियों के लिए छुहारा बहुत उत्तम उपाय है। रोज 3-4 छुहारे खाएं।

4. बेर: बेर खाने से भी वीर्य गाढ़ा होता है। हालांकि ये हर मौसम में मिलने वाला फल नहीं है, इसलिए इसे आप सुखाकर रख सकते हैं और फिर ऑफ सीजन में खा सकते हैं।

5. बेल: बेल का गूदा और बेलपत्र दोनों ही धातु को गाढ़ा करते है। 50 ग्राम बेलपत्र पीसकर चूर्ण बना लें। 3 ग्राम चूर्ण एक चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-शाम लें, इससे धातु पुष्ट होगी। इसके अलावा अगर बेल का गूदा निकाल कर बीज और छिलका अलग करके, उसे मलाई में मिलाकर खाएं तो धातु पुष्ट हो जाएगी।

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