Dhat Rog Kaise Hota Hai

Dhat Rog Kaise Hota Hai

धात रोग कैसे होता है?

धात रोग क्या होता है?

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धात रोग और धातु रोग एक ही प्रकार की समस्या है, जिसे अंग्रेजी भाषा में Spermatorrhoea कहते हैं। इस रोग व समस्या में अनैच्छिक रूप से वीर्य पतले द्रव्य के रूप में स्रावित होकर शिश्न से रिसने लगता है। ऐसा अधिकतर तब होता है, जब व्यक्ति मूत्र व मल त्याग के दौरान दबाव बनाता है। यूं तो यह रोग युवावस्था में पुरूषों में अधिक देखने को मिलता है, किन्तु कभी-कभी इस रोग से अधिक उम्र के व्यक्ति भी ग्रसित हो जाते हैं। दरअसल यह रोग युवा लोगों को जल्दी अपनी गिरफ्त में ले लेता है, क्योंकि युवावस्था में ही गलत विचार, बुरी आदतों जैसे हस्तमैथुन करना, अश्लील चित्र व चलचित्र देखना आदि के कारणों से यह रोग नवयुवकों को अपना शिकार बना लेता है।
कई बार यह भी देखने में आया है कि जो पुरूष स्वप्नदोष से पीड़ित होते हैं, वो ही इस धात रोग का अधिक शिकार होते हैं। कई पुरूष तो इतने परेशान होते हैं कि केवल शिश्न का अंडरवियर से घषर्ण होते ही उनका वीर्य रिसाव होने लगता यानी धात गिरने लगता है।

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धात रोग के कारण-

1. कब्ज़ की शिकायत।

2. बाॅडी में अत्यधिक गर्मी।

3. गरम चीजें अधिक खाना।

4. लिंग की नसों का कमजोर होना।

5. अण्डकोष की सूजन

6. धात गिरने की समस्या का सबसे प्रबल कारण है अत्यधिक हस्तमैथुन करना, क्योंकि इसकी अधिकता लिंग की नसें बहुत ज्यादा शक्तिहीन हो जाती हैं और जब-तब धात गिरने लगता है।

7. हार्मोन का परिवर्तन।

8. अन्य सेक्स व गुप्त रोग।

9. बाॅडी में पोषक तत्व का अभाव।

10. गलत संगत करना।

11. गंदी अश्लील फिल्में देखना, कामुक साहित्य पढ़ना व चित्र देखना।

12. हमेशा अश्लील विचारों में डूबे रहना या हर वक्त स्त्री के निर्वस्त्र अंग-प्रत्यंगों की कल्पना में खोये रहना।
इसी प्रकार के कई अन्य कारण हो सकते हैं, जो धात रोग को निमंत्रण देने में सहायक होते हैं।

धात रोग दूर करने के देसी आयुर्वेदिक उपाय-

Dhatu Rog Kaise Hota Hai

1. रीठे की छाल और अकरकरा समान मात्रा में लेकर तेज शराब में खरल करें। इसे प्रतिदिन रात को सुपारी सीवर को छोड़कर लेप करके पान का पत्ता लपेट कर कच्चे धागे से बांध दें। 21 दिन में लिंग मोटा हो जायेगा, नसें शक्तिशाली होकर धातु पुष्ट हो जायेगा और गिरेगा नहीं।

2. बेलपत्र स्वरस में शुद्ध शहद समभाग लिंग पर लेप करने से लिंग पुष्ट और शक्तिशाली हो जाता है। नसों को बल मिलता है और धात नहीं गिरता।

3. शहद में सुहागा अच्छी प्रकार लिंग पर लेप करने से लिंग मोटा, पुष्ट और ताकतवर हो जाता है।

4. 3 मि.ली. प्याज का रस ले लें, घी ले लें 4 ग्राम और मधु ले लें 3 ग्राम। इनको मिलाकर रोजान सुबह-शाम चाटने से और रात्रि में मिश्री या चीनी मिला आधा लीटर दूध हर रोज पीने से 2-3 माह में बहुत लाभ पहुंचता है।

5. कौंच के बीज बिना छिलका के या फिर तालमखाने के बीजों का पाउडर का चूर्ण 6-6 ग्राम और मिश्री चूर्ण 10 ग्राम मिलाकर फाँककर ऊपर से धारोष्ण दूध पीने से बल-वीर्य बढ़ता है और कभी कम नहीं होता है।

6. पीपल और मिश्री का समान भाग लेकर बारीक पाउडर बना लें। दिन में खार 6 ग्राम लेकर ऊपर से दूध पी लें। इससे गजब की ताकत व वीर्य पुष्ट होता है।

7. प्याज का रस और मधु का मिश्रण रोजाना चाटने से वीर्य की वृद्धि में बहुत लाभ होता है।

Dhat Rog Kaise Hota Hai

8. एक बताशे में बड़ का दूध भरकर रोजाना सेवन करने से वीर्य पुष्ट होता है और वीर्य की बढ़ोत्तरी में भी होती है।

9. आँवला, गोखरू और नीम गिलोय समान मात्रा में एकत्र करें और बारीक पाउडर तैयार कर लें। यह पाउडर यानी चूर्ण 1-1 चम्मच रोजाना 3 बार पानी के साथ रोगी को दें, लाभ होगा।

10. हर्र, बहेड़ा, आँवला समाल मात्रा में लेकर एकदम बारीक चूर्ण बनाकर तैयार कर लें। इस तैयार चूर्ण की एक-एक चम्मच की मात्रा 3 बार शहद मिलाकर रोगी को दें।

11. आँवला और गिलोय स्वरस 2-2 चम्मच और शहद 1 चम्मच मिलाकर रोजाना तीन बार खाली पेट दें।

12. त्रिफला चूर्ण 3 ग्राम, हल्दी चूर्ण 1 ग्राम रोजाना 2-2 बसा मधु के साथ रोगी को सेवन करने को कहें।

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