Dhat Rog Se Bachne Ke Liye Kya Karna Chahiye?

Dhat Rog Se Bachne Ke Liye Kya Karna Chahiye?

धातु रोग(Spermatorrhea)- धात गिरना या धातु रोग पुरूषों में पायी जाने वाली एक वीर्य विकार समस्या है। धातु गिरने की समस्या में अनैच्छिक रूप से मल-मूत्र के दौरान हल्का-सा दबाव देने पर भी वीर्य की कुछ बूंदे निष्कासित हो जाती हैं। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति का वीर्य कोई अश्लील फिल्म, दृश्य देखने से या …

+ Read More

Dhat Jana Ki Samasya Ke Liye Desi Upay Kya Hai

Dhat Jana Ki Samasya Ke Liye Desi Upay Kya Hai

धात जाना की समस्या के लिए देसी उपाय क्या हैं? धात रोग (Spermatorrhoea)- धात रोग, धातु रोग, वीर्यपात और वीर्य प्रमेह ये एक ही रोग के अलग-अलग उच्चारण है। इस रोग के अंग्रेजी में ‘स्पेरमाटोर्रहोआ’(Spermatorrhoea) कहते हैं। इस समस्या में रोगी को मल-मूत्र के दौरान हल्का-सा दबाव बनाने मात्र में द्रव्यनुमा लेस निकलता है या …

+ Read More

Dhat Girne Ki Samasya Ko Ayurved Se Kaise Kare Dur

Dhat Girne Ki Samasya Ko Ayurved Se Kaise Kare Dur

धात गिरने की समस्या को आयुर्वेद से कैसे करें दूर धातु रोग(Spermatorrhea) धातु गिरना व धात जाना ये एक ऐसी समस्या है जिसमें मलत्याग व मूत्र के दौरान हल्का सा दबाव बनाने पर मूत्र के साथ अनैच्छिक रूप से वीर्य की कुछ मात्रा निकल जाती है। धातु रोग को अंग्रेजी भाषा ैचमतउंजवततीमं भी कहा जाता …

+ Read More

Dhat Rog Ke Karan Lakshan Aur Desi Gharelu Upchar

Dhat Rog Ke Karan Lakshan Aur Desi Gharelu Upchar

धात रोग के कारण लक्षण और देसी घरेलू उपचार वीर्य प्रमेह, शुक्रमेह, धात रोग- (Spermatorrhoea) वीर्य प्रमेह को शुक्रमेह के अलावा जरयान नाम से भी संबंधित किया जाता है। बिना इच्छा के अथवा बिना किसी लैंगिक उत्तेजना के जब मल-मूत्र त्याग करते समय वीर्य निकलता है, तब उस अवस्था को वीर्य प्रमेह या धात रोग …

+ Read More

Dhatu Rog Ke Liye Desi Gharelu Ayurvedic Nuskhe

Dhatu Rog Ke Liye Desi Gharelu Ayurvedic Nuskhe

धातु रोग के लिए देसी घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे धातु दुर्बलता, वीर्य क्षीणता(Sexual Debility)- धातु रोग- वीर्य का पतला होकर अनैच्छिक रूप से क्षरण होना ही ‘वीर्य क्षीणता’ व ‘धातु रोग’ कहलाता है। धात रोग का मुख्य कारण- इस रोग का मुख्य कारण मानसिक आघात, शोक, भय, चिंता, तनाव, पौष्टिक आहार का न मिलना, वृद्धावस्था, अधिक …

+ Read More

Dhat Rog Ke Karan, Lakshan Aur Desi Ayurvedic Upay

Dhat Rog Ke Karan, Lakshan Aur Desi Ayurvedic Upay

धात रोग के कारण, लक्षण और देसी आयुर्वेदिक उपाय पुराने से पुराने धात रोग की भी कर देगें छुट्टी ये नुस्खे- आज की आधुनिक लाइफ स्टाई वाले दौर में कुविचार और अश्लीलता में बहुत ज्यादा बढ़ोत्तरी होने के कारण वर्तमान में नौजवान पुरूष और स्त्रियां अपना अधिकतर समय अश्लील फिल्में देखने और कामुक साहित्य पढ़ने …

+ Read More

Dhat Rog Ke Liye Ramban Desi Ayurvedic Upchar

Dhat Rog Ke Liye Ramban Desi Ayurvedic Upchar

धात रोग के लिए रामबाण देसी आयुर्वेदिक उपचार धातु गिरना(शुक्रमेह)- अनैच्छिक रूप से वीर्य का स्वतः ही निकल जाना धातु गिरना कहलाता है, जिसे शुक्रमेह भी कहते हैं। इस समस्या में रोगी द्वारा मल-मूत्र के दौरान हल्का सा भी जोर लगाने पर वीर्य निकल जाता है। अगर धातु रोग के कारणों के बारे में बात …

+ Read More

Dhat Jane Ki Samasya Se Payen Puri Tarah Mukti

Dhat Jane Ki Samasya Se Payen Puri Tarah Mukti

धात जाने की समस्या से पायें पूरी तरह मुक्ति धात रोग की आयुर्वेदिक चिकित्सा- धात रोग(वीर्य प्रमेह)तथा नपुंसकता की चिकित्सा हेतु नीचे लिखे जा रहे योग सेवन करने का निर्देश दें। ये रोगी को आशातीत लाभ प्रदान करते हैं। इनमें से कोई भी एक योग सेवन करायें- 1. योग- शुद्ध शिलाजीत 60 ग्राम, स्वर्ण मासिक …

+ Read More

Dhat Girna Ki Samasya Se Payen Puri Tarah Chutkara

Dhat Girna Ki Samasya Se Payen Puri Tarah Chutkara

धात गिरना की समस्या से पायें पूरी तरह छुटकारा धातु रोग(वीर्य प्रमेह)- जो लोग बचपन से ही कुसंगति में पड़ कर वीर्य नाश करने लगते हैं, उनके प्रजनन अंग कमज़ोर, असहाय शिथिल पड़ जाते हैं। वीर्य की धारण शक्ति समाप्त हो जाती है और असमय वीर्य निकलता रहता है। हस्तमैथुन भी इसका एक विशिष्ट कारण …

+ Read More

Ye Hain Dhat Rog Ke Liye Labhkari Ayurvedic Nuskhe ये हैं धात रोग के लिए लाभकारी आयुर्वेदिक नुस्खे

Ye Hain Dhat Rog Ke Liye Labhkari Ayurvedic Nuskhe ये हैं धात रोग के लिए लाभकारी आयुर्वेदिक नुस्खे

धात रोग, प्रमेह (Spermatorrhoea)- पाचन विकारों के कारण वृक्कों में क्षारीय वस्तुओं की मात्रा बढ़ जाती है। वृक्कों के छिद्र क्षार की अधिकता से आंशिक रूप से गलकर चैड़े हो जाते हैं, जिससे वृक्क पहले की भांति कार्य नहीं करते हैं। अतः अजीर्ण या अपच से बिना पचे पदार्थ मूत्र के साथ अनेक रंगों में …

+ Read More